जो ज्ञान प्राप्त करने के लिए निकला, वह वापस आने तक अल्लाह के मार्ग में है।
عن أنس رضي الله عنه مرفوعاً: «من خَرج في طلب العلم فهو في سَبِيلِ الله حتى يرجع».
अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जो ज्ञान हासिल करने के लिए निकला, वह वापस आने तक अल्लाह के मार्ग में है।
इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।दर्जाह़सन
तशरीह
हदीस का अर्थ यह है कि जो व्यक्ति अपने घर या नगर से धार्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए निकला, वह वापस आने तक अल्लाह के मार्ग में जिहाद के लिए निकले हुए व्यक्ति के समान है। क्योंकि वह धर्म के पुनरोद्धार, शैतान को नाकाम करने और नफ़्स को थकाने के मामले में जिहाद करने वाले ही की तरह है।
फ़ायदे
ज्ञान प्राप्त करना भी अल्लाह के मार्ग में जिहाद करना है।
ज्ञान प्राप्त करने वाले को युद्ध के मैदानों में जिहाद करने वाले के समान प्रतिफल मिलेगा, क्योंकि दोनों ऐसे कार्य करते हैं, जो अल्लाह की शरीयत को शक्ति प्रदान करते हैं और उससे उन चीज़ों को दूर करते हैं, जो उसका अंश नहीं हैं।
इससे मालूम होता है कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए निकलने वाले को, घर वापस आने तक, जाने और आने के क्रम में चलने की भी नेकी मिलेगी।
हवाला
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مرعاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، للمباركفوري، الطبعة الثالثة، إدارة البحوث العلمية والدعوة والإفتاء، الجامعة السلفية - بنارس الهند، 1404هـ.
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نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين، ط14، مؤسسة الرسالة، 1407هـ.
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com