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तशरीह के साथ हदीसें

मुझसे सीख लो, मुझसे सीख लो। अल्लाह ने उनके लिए राह निकाल दी है (यानी व्यभिचारियों की समस्या का समाधान कर दिया है)। कुँवारा यदि कुँवारी के साथ व्यभिचार करे तो उसको सौ कोड़े मारे जाएँगे तथा एक साल के लिए उसके नगर से निकाल दिया जाएगा और विवाहित पुरुष यदि विवाहिता के संग व्यभिचार करे तो उसको सौ कोड़े मारे जाएँगे तथा संगसार किया जाएगा।

عن عبادة بن الصامت، قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «خُذُوا عني، خُذُوا عني، قد َجَعَلَ الُله لَهُنَّ سبيلا، البِكْرُ بالبِكْر جَلْدُ مِائة ونَفْيُ سَنَةٍ، والثَّيِّبُ بالثيب جلد مائة والرجم».
उबादा बिन सामित (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “मुझसे सीख लो, मुझसे सीख लो। अल्लाह ने उनके लिए राह निकाल दी है (यानी व्यभिचारियों की समस्या का समाधान कर दिया है)। कुँवारा यदि कुँवारी के साथ व्यभिचार करे तो उसको सौ कोड़े मारे जाएँगे तथा एक साल के लिए उसके नगर से निकाल दिया जाएगा और विवाहित पुरुष यदि विवाहिता के संग व्यभिचार करे तो उसको सौ कोड़े मारे जाएँगे तथा संगसार किया जाएगा।”
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

صحيح مسلم؛ للإمام مسلم بن الحجاج، حققه ورقمه محمد فؤاد عبد الباقي، دار عالم الكتب - الرياض، الطبعة الأولى، 1417هـ. منحة العلام في شرح بلوغ المرام، تأليف عبد الله الفوزان، طبعة دار ابن الجوزي، الطبعة الأولى، 1428ه. توضيح الأحكام شرح بلوغ المرام، تأليف عبد الله البسام- مكتبة الأسدي، مكة المكرمة، الطبعة الخامِسَة، 1423هـ - 2003م. تسهيل الإلمام بفقه الأحاديث من بلوغ المرام، تأليف الشيخ صالح الفوزان- عناية عبد السلام السليمان - مؤسسة الرسالة، الطبعة الأولى. فتح ذي الجلال والإكرام بشرح بلوغ المرام، للشيخ ابن عثيمين- المكتبة الإسلامية، القاهرة، تحقيق صبحي رمضان وأم إسراء بيومي- الطبعة الأولى، 1427ه. بلوغ المرام من أدلة الأحكام، لابن حجر، دار القبس للنشر والتوزيع، الرياض - المملكة العربية السعودية، الطبعة الأولى، 1435هـ - 2014م.

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व्यभिचार की हद (दंड)

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com