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तशरीह के साथ हदीसें

यदि कोई व्यक्ति तुम्हारी अनुमति के बिना तुम्हें झाँके और तुम कंकड़ मारकर उसकी आँख फोड़ दो, तो तुम्हें कोई गुनाह न होगा

عن أبي هُريرة -رضي اللهُ عنه- مرفوعًا: «لو أن رجلا -أو قال: امْرَأً- اطَّلَعَ عليك بغير إِذْنِكَ؛ فَحَذَفْتَهُ بحَصَاةٍ، فَفَقَأْتَ عينه: ما كان عليك جُنَاحٌ».
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से मरफ़ूअन वर्णित है कि यदि कोई व्यक्ति तुम्हारी अनुमति के बिना तुम्हें झाँके और तुम कंकड़ मारकर उसकी आँख फोड़ दो, तो तुम्हें कोई गुनाह न होगा।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बताया है कि यदि कोई इनसान किसी को उसकी अनुमति के बिना, उसके घर के द्वार से अथवा दीवार आदि के ऊपर से झाँके और वह उसकी ओर कंकड़ फेंककर उसकी आँख फोड़ दे या किसी लोहे से उसकी आँख को ज़ख़्मी कर दे, तो इस फोड़ने तथा ज़ख़्मी करने वाले पर न गुनाह है और न प्रतिकार। क्योंकि असल क़सूर झाँकने वाले का है।

हवाला

1- صحيح البخاري، محمد بن إسماعيل البخاري الجعفي، تحقيق: محمد زهير الناصر، دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم: محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى 1422هـ. 2- صحيح مسلم، مسلم بن الحجاج القشيري النيسابوري، تحقيق محمد فؤاد عبد الباقي، دار إحياء التراث العربي، بيروت، الطبعة: 1423هـ. 3- تيسير العلام شرح عمدة الأحكام، عبد الله بن عبد الرحمن البسام، تحقيق: محمد صبحي حلاق، مكتبة الصحابة، الإمارات، مكتبة التابعين، القاهرة، الطبعة: العاشرة 1426هـ. 4- تأسيس الأحكام، أحمد بن يحيى النجمي، دار علماء السلف، الطبعة: الثانية 1414هـ.

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क़िसास

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com