जाबिर -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जिस चीज़ की अधिक मात्रा नशा लाए, उसकी कम मात्रा भी हराम है।"
इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया हैदर्जाह़सन
तशरीह
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि खाने-पीने की हर वह चीज़, जो अधिक मात्रा में लिए जाने से इन्सान की अक़्ल को ले उड़ती है, उसकी कम मात्रा लेना भी हराम है। चाहे अक़्ल न भी ले जाए।
फ़ायदे
शरीयत इन्सान की अक़्ल की रक्षा करती है।
बुराई के रास्ते को रोकने के सिद्धांत के एतिबार का सहीह होना, ऐसा उन सभी चीज़ों को बंद करके किया जाता है जो उन बुराइयों की ओर ले जाती हैं।।
नशा लाने वाली चीज़ों की कम मात्रा भी हराम है। क्योंकि इसी रास्ते पर चलकर इन्सान नशा का आदी बन जाता है।
जिस चीज़ की कम एवं अधिक मात्रा दोनों नशा न लाए, वह हराम नहीं है।
हवाला
سنن أبي داود (5/ 523) (3681).
سنن الترمذي (3/ 442) (1865).
سنن ابن ماجه (4/ 475) (3393).
مسند أحمد (23/ 51) (14703).
فتح ذي الجلال والإكرام بشرح بلوغ المرام (5/ 418).
شرح سنن أبي داود للعباد (417/ 9).
النهاية في غريب الحديث والأثر (437).
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com