जिस व्यक्ति की किसी दास अथवा दासी में हिस्सेदारी हो, चाहे हिस्सेदारी कम हो या ज़्यादा, यदि वह उस दास का एक भाग मुक्त कर देता है, तो उसका हिस्सा मुक्त हो जाएगा। अब अगर वह संपन्न है और अपने साझीदार के हिस्से की क़ीमत भी दे सकता है, तो पूरा दास मुक्त हो जाएगा। मुक्त करने वाले का भाग भी और उसके साझीदार का भाग भी। वह अपने साझीदार के भाग की क़ीमत का अंदाज़ा बाज़ार के अनुसार करके अपने साझीदार को दे देगा। और अगर वह अपने साझीदार के हिस्से की क़ीमत देने में सक्षम न हो, तो उसके कारण उसके साथी का नुक़सान होने नहीं दिया जाएगा। मुक्त केवल उसी का भाग होगा और उसके साझीदार के भाग की दासता बरक़रार रहेगी।
صحيح البخاري، تحقيق: محمد زهير بن ناصر الناصر، ط1، دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم: محمد فؤاد عبد الباقي)، 1422هـ. صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، دار إحياء التراث العربي، بيروت، 1423هـ. تيسير العلام شرح عمدة الأحكام للبسام، حققه وعلق عليه وخرج أحاديثه وصنع فهارسه: محمد صبحي بن حسن حلاق، ط10، مكتبة الصحابة، الأمارات - مكتبة التابعين، القاهرة، 1426هـ.