अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी मुसलमान को हानि पहुँचाने और उसे किसी भी तरह की कठिनाई में डालने से मना किया है। हानि तथा कठिनाई का संबंध उसकी जान से हो, धन से हो या परिवार से। आपने बताया है कि ऐसा करने वाले को अल्लाह उसी कोटि का प्रतिफल देगा, जिस कोटि का उसका कर्म है।
- मुसलमान को हानि पहुँचाना और उसे कठिनाई में डालना हराम है।
- अल्लाह अपने बंदों के लिए प्रतिशोध लेता है।
سنن أبي داود (5/ 477) (3635). سنن الترمذي (3/ 495) (1940). سنن ابن ماجه (3/ 432) (2342). مسند أحمد (25/ 34) (15755). مساوئ الأخلاق، للخرائطي (ص: 274) (583). توضيح الأحكام مِن بلوغ المرام، للبسام (7/ 445). فتح ذي الجلال والإكرام شرح بلوغ المرام، لابن عثيمين (6/ 396). منحة العلام في شرح بلوغ المرام، لعبد الله الفوزان (10/ 261).