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सहीह बुख़ारी

नंबर 7554

नंबर 7554किताब 97, नंबर 179
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي غَالِبٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، سَمِعْتُ أَبِي يَقُولُ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، أَنَّ أَبَا رَافِعٍ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ كَتَبَ كِتَابًا قَبْلَ أَنْ يَخْلُقَ الْخَلْقَ إِنَّ رَحْمَتِي سَبَقَتْ غَضَبِي‏.‏ فَهْوَ مَكْتُوبٌ عِنْدَهُ فَوْقَ الْعَرْشِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Hurairah (ra):I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying: "Before Allah created the creations, He wrote a Book (wherein He has written): "My Mercy has preceded my Anger.' And that is written with Him over the Throne." (see Hadith)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 97 · Oneness, Uniqueness of Allah (Tawheed)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।