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सहीह बुख़ारी

नंबर 7553

नंबर 7553किताब 97, नंबर 178
وَقَالَ لِي خَلِيفَةُ بْنُ خَيَّاطٍ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، سَمِعْتُ أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي رَافِعٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَمَّا قَضَى اللَّهُ الْخَلْقَ كَتَبَ كِتَابًا عِنْدَهُ غَلَبَتْ ـ أَوْ قَالَ سَبَقَتْ ـ رَحْمَتِي غَضَبِي‏.‏ فَهْوَ عِنْدَهُ فَوْقَ الْعَرْشِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, "Before Allah created the creations, He wrote a Book (wherein He has written): My Mercy has preceded my Anger." and that (Book) is written with Him over the Throne

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 97 · Oneness, Uniqueness of Allah (Tawheed)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।