सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 7131

नंबर 7131किताब 92, नंबर 78
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، رضى الله عنه قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَا بُعِثَ نَبِيٌّ إِلاَّ أَنْذَرَ أُمَّتَهُ الأَعْوَرَ الْكَذَّابَ، أَلاَ إِنَّهُ أَعْوَرُ، وَإِنَّ رَبَّكُمْ لَيْسَ بِأَعْوَرَ، وَإِنَّ بَيْنَ عَيْنَيْهِ مَكْتُوبٌ كَافِرٌ ‏"‏‏.‏ فِيهِ أَبُو هُرَيْرَةَ وَابْنُ عَبَّاسٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) said, "No prophet was sent but that he warned his followers against the one-eyed liar (Ad-Dajjal). Beware! He is blind in one eye, and your Lord is not so, and there will be written between his (Ad-Dajjal's) eyes (the word) Kafir (i.e., disbeliever)." (This Hadith is also quoted by Abu Huraira and Ibn `Abbas)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।