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सहीह बुख़ारी

नंबर 7130

नंबर 7130किताब 92, नंबर 77
حَدَّثَنَا عَبْدَانُ، أَخْبَرَنِي أَبِي، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ، عَنْ رِبْعِيٍّ، عَنْ حُذَيْفَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ فِي الدَّجَّالِ ‏ "‏ إِنَّ مَعَهُ مَاءً وَنَارًا، فَنَارُهُ مَاءٌ بَارِدٌ، وَمَاؤُهُ نَارٌ ‏"‏‏.‏ قَالَ أَبُو مَسْعُودٍ أَنَا سَمِعْتُهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Hudhaifa:The Prophet (ﷺ) said about Ad-Dajjal that he would have water and fire with him: (what would seem to be) fire, would be cold water and (what would seem to be) water, would be fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।