सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 7073

नंबर 7073किताब 92, नंबर 24
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ قُلْتُ لِعَمْرٍو يَا أَبَا مُحَمَّدٍ سَمِعْتَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ مَرَّ رَجُلٌ بِسِهَامٍ فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَمْسِكْ بِنِصَالِهَا ‏"‏‏.‏ قَالَ نَعَمْ‏.‏
Narrated Sufyan:I said to `Amr, "O Abu Muhammad! Did you hear Jabir bin `Abdullah saying, 'A man carrying arrows passed through the mosque and Allah's Messenger (ﷺ) said to him, 'Hold the arrows by their heads! "`Amr replied, "Yes

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।