सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 7054

नंबर 7054किताब 92, नंबर 7
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنِ الْجَعْدِ أَبِي عُثْمَانَ، حَدَّثَنِي أَبُو رَجَاءٍ الْعُطَارِدِيُّ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ رَأَى مِنْ أَمِيرِهِ شَيْئًا يَكْرَهُهُ فَلْيَصْبِرْ عَلَيْهِ، فَإِنَّهُ مَنْ فَارَقَ الْجَمَاعَةَ شِبْرًا فَمَاتَ، إِلاَّ مَاتَ مِيتَةً جَاهِلِيَّةً ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever notices something which he dislikes done by his ruler, then he should be patient, for whoever becomes separate from the company of the Muslims even for a span and then dies, he will die as those who died in the Pre-Islamic period of Ignorance (as rebellious sinners). (Fath-ul-Bari page 112, Vol)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 92 · Afflictions and the End of the World

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।