حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، عَنْ عَبْدِ الْوَارِثِ، عَنِ الْجَعْدِ، عَنْ أَبِي رَجَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ " مَنْ كَرِهَ مِنْ أَمِيرِهِ شَيْئًا فَلْيَصْبِرْ، فَإِنَّهُ مَنْ خَرَجَ مِنَ السُّلْطَانِ شِبْرًا مَاتَ مِيتَةً جَاهِلِيَّةً ".
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever disapproves of something done by his ruler then he should be patient, for whoever disobeys the ruler even a little (little = a span) will die as those who died in the Pre-Islamic Period of Ignorance. (i.e. as rebellious Sinners)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।