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सहीह बुख़ारी

नंबर 6991

नंबर 6991किताब 91, नंबर 10
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ أُنَاسًا، أُرُوا لَيْلَةَ الْقَدْرِ فِي السَّبْعِ الأَوَاخِرِ، وَأَنَّ أُنَاسًا أُرُوا أَنَّهَا فِي الْعَشْرِ الأَوَاخِرِ، فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْتَمِسُوهَا فِي السَّبْعِ الأَوَاخِرِ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Umar:Some people were shown the Night of Qadr as being in the last seven days (of the month of Ramadan). The Prophet (ﷺ) said, "Seek it in the last seven days (of Ramadan)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 91 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।