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सहीह बुख़ारी

नंबर 586

नंबर 586किताब 9, नंबर 61
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَطَاءُ بْنُ يَزِيدَ الْجُنْدَعِيُّ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ صَلاَةَ بَعْدَ الصُّبْحِ حَتَّى تَرْتَفِعَ الشَّمْسُ، وَلاَ صَلاَةَ بَعْدَ الْعَصْرِ حَتَّى تَغِيبَ الشَّمْسُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Sa`id Al-Khudri:I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, "There is no prayer after the morning prayer till the sun rises, and there is no prayer after the `Asr prayer till the sun sets

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।