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सहीह बुख़ारी

नंबर 577

नंबर 577किताब 9, नंबर 53
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي أُوَيْسٍ، عَنْ أَخِيهِ، عَنْ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، أَنَّهُ سَمِعَ سَهْلَ بْنَ سَعْدٍ، يَقُولُ كُنْتُ أَتَسَحَّرُ فِي أَهْلِي ثُمَّ يَكُونُ سُرْعَةٌ بِي أَنْ أُدْرِكَ صَلاَةَ الْفَجْرِ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Sahl bin Sa`d:I used to take the "Suhur" meal with my family and hasten so as to catch the Fajr (morning prayer) with Allah's Messenger (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।