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सहीह बुख़ारी

नंबर 575

नंबर 575किताब 9, नंबर 51
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَاصِمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ زَيْدَ بْنَ ثَابِتٍ، حَدَّثَهُ أَنَّهُمْ، تَسَحَّرُوا مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ثُمَّ قَامُوا إِلَى الصَّلاَةِ‏.‏ قُلْتُ كَمْ بَيْنَهُمَا قَالَ قَدْرُ خَمْسِينَ أَوْ سِتِّينَ ـ يَعْنِي آيَةً ـ ح‏.‏
Narrated Anas:Zaid bin Thabit said, "We took the "Suhur" (the meal taken before dawn while fasting is observed) with the Prophet (ﷺ) and then stood up for the (morning) prayer." I asked him how long the interval between the two (Suhur and prayer) was. He replied, 'The interval between the two was just sufficient to recite fifty to sixty 'Ayat

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Times of the Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।