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सहीह बुख़ारी

नंबर 6914

नंबर 6914किताब 87, नंबर 52
حَدَّثَنَا قَيْسُ بْنُ حَفْصٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ، حَدَّثَنَا مُجَاهِدٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ قَتَلَ نَفْسًا مُعَاهَدًا لَمْ يَرَحْ رَائِحَةَ الْجَنَّةِ، وَإِنَّ رِيحَهَا يُوجَدُ مِنْ مَسِيرَةِ أَرْبَعِينَ عَامًا ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Amr:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever killed a Mu'ahid (a person who is granted the pledge of protection by the Muslims) shall not smell the fragrance of Paradise though its fragrance can be smelt at a distance of forty years (of traveling)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 87 · Blood Money (Ad-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।