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सहीह बुख़ारी

नंबर 6913

नंबर 6913किताब 87, नंबर 51
حَدَّثَنَا مُسْلِمٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زِيَادٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْعَجْمَاءُ عَقْلُهَا جُبَارٌ، وَالْبِئْرُ جُبَارٌ، وَالْمَعْدِنُ جُبَارٌ، وَفِي الرِّكَازِ الْخُمُسُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "There is no Diya for a person injured or killed by an animal (going about without somebody to control it) and similarly, there is no Diya for the one who falls and dies in a well, and also the one who dies in a mine. As regards the Ar-Rikaz (buried wealth), one-fifth thereof is for the state

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 87 · Blood Money (Ad-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।