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सहीह बुख़ारी

नंबर 6850

नंबर 6850किताब 86, नंबर 72
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سُلَيْمَانَ، حَدَّثَنِي ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرٌو، أَنَّ بُكَيْرًا، حَدَّثَهُ قَالَ بَيْنَمَا أَنَا جَالِسٌ، عِنْدَ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ إِذْ جَاءَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَابِرٍ فَحَدَّثَ سُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ، ثُمَّ أَقْبَلَ عَلَيْنَا سُلَيْمَانُ بْنُ يَسَارٍ فَقَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَابِرٍ، أَنَّ أَبَاهُ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا بُرْدَةَ الأَنْصَارِيَّ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تَجْلِدُوا فَوْقَ عَشْرَةِ أَسْوَاطٍ إِلاَّ فِي حَدٍّ مِنْ حُدُودِ اللَّهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Burda Al-Ansari:I heard the Prophet (ﷺ) saying, "Do not flog anyone more than ten stripes except if he is involved in a crime necessitating Allah's legal Punishment

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।