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सहीह बुख़ारी

नंबर 6849

नंबर 6849किताब 86, नंबर 71
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا فُضَيْلُ بْنُ سُلَيْمَانَ، حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ، حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَابِرٍ، عَمَّنْ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ عُقُوبَةَ فَوْقَ عَشْرِ ضَرَبَاتٍ إِلاَّ فِي حَدٍّ مِنْ حُدُودِ اللَّهِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdur-Rahman bin Jabir:On the authority of others, that the Prophet (ﷺ) said, "No Punishment exceeds the flogging of the ten stripes, except if one is guilty of a crime necessitating a legal punishment prescribed by Allah

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।