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सहीह बुख़ारी

नंबर 6793

नंबर 6793किताब 86, नंबर 22
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَمْ تَكُنْ تُقْطَعُ يَدُ السَّارِقِ فِي أَدْنَى مِنْ حَجَفَةٍ أَوْ تُرْسٍ، كُلُّ وَاحِدٍ مِنْهُمَا ذُو ثَمَنٍ‏.‏ رَوَاهُ وَكِيعٌ وَابْنُ إِدْرِيسَ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ مُرْسَلاً‏.‏
Narrated `Aisha:A thief's hand was not cut off for stealing something cheaper than a Hajafa or a Turs (two kinds of shields), each of which was worth a (respectable) price

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 86 · Limits and Punishments set by Allah (Hudood)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।