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सहीह बुख़ारी

नंबर 6556

नंबर 6556किताब 81, नंबर 145
قَالَ أَبِي فَحَدَّثْتُ النُّعْمَانَ بْنَ أَبِي عَيَّاشٍ، فَقَالَ أَشْهَدُ لَسَمِعْتُ أَبَا سَعِيدٍ يُحَدِّثُ وَيَزِيدُ فِيهِ ‏ "‏ كَمَا تَرَاءَوْنَ الْكَوْكَبَ الْغَارِبَ فِي الأُفُقِ الشَّرْقِيِّ وَالْغَرْبِيِّ ‏"‏‏.‏
Abu Sa`id added:"As you see a glittering star remaining in the eastern horizon and the western horizon

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 81 · To make the Heart Tender (Ar-Riqaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।