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सहीह बुख़ारी

नंबर 6555

नंबर 6555किताब 81, नंबर 144
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَهْلٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏إِنَّ أَهْلَ الْجَنَّةِ لَيَتَرَاءَوْنَ الْغُرَفَ فِي الْجَنَّةِ كَمَا تَتَرَاءَوْنَ الْكَوْكَبَ فِي السَّمَاءِ‏"‏‏.‏
Narrated Sahl:The Prophet (ﷺ) said, "The people of Paradise will see the Ghuraf (special abodes) in Paradise as you see a star in the sky

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 81 · To make the Heart Tender (Ar-Riqaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।