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सहीह बुख़ारी

नंबर 6514

नंबर 6514किताब 81, नंबर 103
حَدَّثَنَا الْحُمَيْدِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي بَكْرِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ، سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهُ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَتْبَعُ الْمَيِّتَ ثَلاَثَةٌ، فَيَرْجِعُ اثْنَانِ وَيَبْقَى مَعَهُ وَاحِدٌ، يَتْبَعُهُ أَهْلُهُ وَمَالُهُ وَعَمَلُهُ، فَيَرْجِعُ أَهْلُهُ وَمَالُهُ، وَيَبْقَى عَمَلُهُ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas bin Malik:Allah's Messenger (ﷺ) said, "When carried to his grave, a dead person is followed by three, two of which return (after his burial) and one remains with him: his relative, his property, and his deeds follow him; relatives and his property go back while his deeds remain with him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 81 · To make the Heart Tender (Ar-Riqaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।