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सहीह बुख़ारी

नंबर 6513

नंबर 6513किताब 81, नंबर 102
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ عَبْدِ رَبِّهِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَلْحَلَةَ، حَدَّثَنِي ابْنُ كَعْبٍ، عَنْ أَبِي قَتَادَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مُسْتَرِيحٌ، وَمُسْتَرَاحٌ مِنْهُ، الْمُؤْمِنُ يَسْتَرِيحُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Qatada:The Prophet (ﷺ) said, "Relieved or relieving. And a believer is relieved (by death)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 81 · To make the Heart Tender (Ar-Riqaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।