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सहीह बुख़ारी

नंबर 453

नंबर 453किताब 8, नंबर 102
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ الْحَكَمُ بْنُ نَافِعٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ، أَنَّهُ سَمِعَ حَسَّانَ بْنَ ثَابِتٍ الأَنْصَارِيَّ، يَسْتَشْهِدُ أَبَا هُرَيْرَةَ أَنْشُدُكَ اللَّهَ هَلْ سَمِعْتَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ يَا حَسَّانُ، أَجِبْ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم، اللَّهُمَّ أَيِّدْهُ بِرُوحِ الْقُدُسِ ‏"‏‏.‏ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ نَعَمْ‏.‏
Narrated Hassan bin Thabit Al-Ansari:I asked Abu Huraira "By Allah! Tell me the truth whether you heard the Prophet (ﷺ) saying, 'O Hassan! Reply on behalf of Allah's Messenger (ﷺ). O Allah! Help him with the Holy Spirit." Abu Huraira said, "Yes

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayers (Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।