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सहीह बुख़ारी

नंबर 452

नंबर 452किताब 8, नंबर 101
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو بُرْدَةَ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا بُرْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ مَرَّ فِي شَىْءٍ مِنْ مَسَاجِدِنَا أَوْ أَسْوَاقِنَا بِنَبْلٍ، فَلْيَأْخُذْ عَلَى نِصَالِهَا، لاَ يَعْقِرْ بِكَفِّهِ مُسْلِمًا ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Burda bin `Abdullah:(on the authority of his father) The Prophet (ﷺ) said, "Whoever passes through our mosques or markets with arrows should hold them by their heads lest he should injure a Muslim

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayers (Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।