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सहीह बुख़ारी

नंबर 6039

नंबर 6039किताब 78, नंबर 69
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ، قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ مَا كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَصْنَعُ فِي أَهْلِهِ قَالَتْ كَانَ فِي مِهْنَةِ أَهْلِهِ، فَإِذَا حَضَرَتِ الصَّلاَةُ قَامَ إِلَى الصَّلاَةِ‏.‏
Narrated Al-Aswad:I asked `Aisha what did the Prophet (ﷺ) use to do at home. She replied. "He used to keep himself busy serving his family and when it was time for the prayer, he would get up for prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।