सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 5916

नंबर 5916किताब 77, नंबर 131
حَدَّثَنِي إِسْمَاعِيلُ، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ حَفْصَةَ ـ رضى الله عنها ـ زَوْجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا شَأْنُ النَّاسِ حَلُّوا بِعُمْرَةٍ، وَلَمْ تَحْلِلْ أَنْتَ مِنْ عُمْرَتِكَ قَالَ ‏ "‏ إِنِّي لَبَّدْتُ رَأْسِي، وَقَلَّدْتُ هَدْيِي، فَلاَ أَحِلُّ حَتَّى أَنْحَرَ ‏"‏‏.‏
Narrated Hafsa:(the wife of the Prophet) I said, "O Allah's Messenger (ﷺ)! Why have the people finished their Ihram after performing the `Umra while you have not finished your Ihram after your `Umra?" He said, "I have done Talbid (of my hair) and have decorated my Hadis with garlands, so I shall not finish my Ihram till I have slaughtered my Hadi (animal for sacrifice)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।