सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 5849

नंबर 5849किताब 77, नंबर 66
حَدَّثَنَا قَبِيصَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ سُوَيْدِ بْنِ مُقَرِّنٍ، عَنِ الْبَرَاءِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ أَمَرَنَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِسَبْعٍ عِيَادَةِ الْمَرِيضِ، وَاتِّبَاعِ الْجَنَائِزِ، وَتَشْمِيتِ الْعَاطِسِ، وَنَهَانَا عَنْ لُبْسِ الْحَرِيرِ، وَالدِّيبَاجِ، وَالْقَسِّيِّ، وَالإِسْتَبْرَقِ، وَمَيَاثِرِ الْحُمْرِ‏.‏
Narrated Al-Bara:The Prophet (ﷺ) ordered us to observe seven things: To visit the sick; follow funeral processions; say 'May Allah bestow His Mercy on you', to the sneezer if he says, 'Praise be to Allah!; He forbade us to wear silk, Dibaj, Qassiy and Istibarq (various kinds of silken clothes); or to use red Mayathir (silkcushions). (See Hadith No. 253 A, Vol)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।