حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، سَمِعَ الْبَرَاءَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مَرْبُوعًا، وَقَدْ رَأَيْتُهُ فِي حُلَّةٍ حَمْرَاءَ مَا رَأَيْتُ شَيْئًا أَحْسَنَ مِنْهُ.
Narrated Al-Bara:The Prophet (ﷺ) was of a modest height. I saw him wearing a red suit, and I did not see anything better than him
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।