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सहीह बुख़ारी

नंबर 5690

नंबर 5690किताब 76, नंबर 13
حَدَّثَنَا فَرْوَةُ بْنُ أَبِي الْمَغْرَاءِ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا كَانَتْ تَأْمُرُ بِالتَّلْبِينَةِ وَتَقُولُ هُوَ الْبَغِيضُ النَّافِعُ‏.‏
Narrated Hisham's father:`Aisha used to recommend at-Talbina and used to say, "It is disliked (by the patient) although it is beneficial

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।