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सहीह बुख़ारी

नंबर 5689

नंबर 5689किताब 76, नंबर 12
حَدَّثَنَا حِبَّانُ بْنُ مُوسَى، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّهَا كَانَتْ تَأْمُرُ بِالتَّلْبِينِ لِلْمَرِيضِ وَلِلْمَحْزُونِ عَلَى الْهَالِكِ، وَكَانَتْ تَقُولُ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ التَّلْبِينَةَ تُجِمُّ فُؤَادَ الْمَرِيضِ، وَتَذْهَبُ بِبَعْضِ الْحُزْنِ ‏"‏‏.‏
Narrated 'Urwa:Aisha used to recommend at-Talbina for the sick and for such a person as grieved over a dead person. She used to say, "I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, 'at-Talbina gives rest to the heart of the patient and makes it active and relieves some of his sorrow and grief

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।