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सहीह बुख़ारी

नंबर 5541

नंबर 5541किताब 72, नंबर 66
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، عَنْ حَنْظَلَةَ، عَنْ سَالِمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ كَرِهَ أَنْ تُعْلَمَ الصُّورَةُ،‏.‏ وَقَالَ ابْنُ عُمَرَ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ تُضْرَبَ‏.‏ تَابَعَهُ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا الْعَنْقَزِيُّ عَنْ حَنْظَلَةَ وَقَالَ تُضْرَبُ الصُّورَةُ‏.‏
Narrated Salim:that Ibn `Umar disliked the branding of animals on the face. Ibn `Umar said, "The Prophet (ﷺ) forbade beating (animals) on the face

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 72 · Hunting, Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।