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सहीह बुख़ारी

नंबर 5395

नंबर 5395किताब 70, नंबर 23
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، قَالَ كَانَ أَبُو نَهِيكٍ رَجُلاً أَكُولاً فَقَالَ لَهُ ابْنُ عُمَرَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْكَافِرَ يَأْكُلُ فِي سَبْعَةِ أَمْعَاءٍ ‏"‏‏.‏ فَقَالَ فَأَنَا أُومِنُ بِاللَّهِ وَرَسُولِهِ‏.‏
Narrated `Amr:Abu Nahik was avaricious eater. Ibn `Umar said to him, "Allah's Messenger (ﷺ) said, "A Kafir (unbeliever) eats in seven intestines (eats much)." On that Abu Nahik said, "But I believe in Allah and His Apostle

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 70 · Food, Meals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।