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सहीह बुख़ारी

नंबर 5394

नंबर 5394किताब 70, नंबर 22
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلاَمٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ الْمُؤْمِنَ يَأْكُلُ فِي مِعًى وَاحِدٍ، وَإِنَّ الْكَافِرَ ـ أَوِ الْمُنَافِقَ فَلاَ أَدْرِي أَيَّهُمَا قَالَ عُبَيْدُ اللَّهِ ـ يَأْكُلُ فِي سَبْعَةِ أَمْعَاءٍ ‏"‏‏.‏ وَقَالَ ابْنُ بُكَيْرٍ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:Allah's Messenger (ﷺ) said, "A believer eats in one intestine (is satisfied with a little food), and a kafir (unbeliever) or a hypocrite eats in seven intestines (eats too much)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 70 · Food, Meals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।