सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 5370

नंबर 5370किताब 69, नंबर 20
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ هِنْدُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَبَا سُفْيَانَ رَجُلٌ شَحِيحٌ فَهَلْ عَلَىَّ جُنَاحٌ أَنْ آخُذَ مِنْ مَالِهِ مَا يَكْفِينِي وَبَنِيَّ قَالَ ‏ "‏ خُذِي بِالْمَعْرُوفِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Aisha:Hind (bint `Utba) said, "O Allah's Messenger (ﷺ)! Abu Sufyan is a miser. Is there any harm if I take of his property what will cover me and my children's needs?" The Prophet (ﷺ) said, "Take (according to your needs) in a reasonable manner

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 69 · Supporting the Family

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।