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सहीह बुख़ारी

नंबर 5369

नंबर 5369किताब 69, नंबर 19
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، أَخْبَرَنَا هِشَامٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ زَيْنَبَ ابْنَةِ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلْ لِي مِنْ أَجْرٍ فِي بَنِي أَبِي سَلَمَةَ أَنْ أُنْفِقَ عَلَيْهِمْ، وَلَسْتُ بِتَارِكَتِهِمْ هَكَذَا وَهَكَذَا، إِنَّمَا هُمْ بَنِيَّ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ لَكِ أَجْرُ مَا أَنْفَقْتِ عَلَيْهِمْ ‏"‏‏.‏
Narrated Um Salama:I said, "O Allah's Messenger (ﷺ)! Shall I get a reward (in the Hereafter) if I spend on the children of Abu Salama and do not leave them like this and like this (i.e., poor) but treat them like my children?" The Prophet said, "Yes, you will be rewarded for that which you will spend on them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 69 · Supporting the Family

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।