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सहीह बुख़ारी

नंबर 5320

नंबर 5320किताब 68, नंबर 69
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ قَزَعَةَ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ، أَنَّ سُبَيْعَةَ الأَسْلَمِيَّةَ، نُفِسَتْ بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا، بِلَيَالٍ فَجَاءَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَاسْتَأْذَنَتْهُ أَنْ تَنْكِحَ، فَأَذِنَ لَهَا، فَنَكَحَتْ‏.‏
Narrated Al-Miswer bin Makhrama:Subai'a Al-Aslamiya gave birth to a child a few days after the death of her husband. She came to the Prophet and asked permission to remarry, and the Prophet (ﷺ) gave her permission, and she got married

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 68 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।