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सहीह बुख़ारी

नंबर 5319

नंबर 5319किताब 68, नंबर 68
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، عَنِ اللَّيْثِ، عَنْ يَزِيدَ، أَنَّ ابْنَ شِهَابٍ، كَتَبَ إِلَيْهِ أَنَّ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، أَخْبَرَهُ عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ كَتَبَ إِلَى ابْنِ الأَرْقَمِ أَنْ يَسْأَلَ، سُبَيْعَةَ الأَسْلَمِيَّةَ كَيْفَ أَفْتَاهَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَتْ أَفْتَانِي إِذَا وَضَعْتُ أَنْ أَنْكِحَ‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Abdullah:that his father had written to Ibn Al-Arqam a letter asking him to ask Subai'a Al-Aslamiya how the Prophet had given her the verdict. She said, "The Prophet, gave me his verdict that after I gave birth, I could marry

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 68 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।