حَدَّثَنَا طَلْقُ بْنُ غَنَّامٍ، حَدَّثَنَا زَائِدَةُ، عَنِ الشَّيْبَانِيِّ، قَالَ سَأَلْتُ زِرًّا عَنْ قَوْلِهِ تَعَالَى {فَكَانَ قَابَ قَوْسَيْنِ أَوْ أَدْنَى * فَأَوْحَى إِلَى عَبْدِهِ مَا أَوْحَى} قَالَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ أَنَّ مُحَمَّدًا صلى الله عليه وسلم رَأَى جِبْرِيلَ لَهُ سِتُّمِائَةِ جَنَاحٍ.
Narrated Ash-Shaibani:I asked Zirr about the Statement of Allah: 'And was at a distance of but two bow-lengths or (even) nearer. So did Allah convey the Inspiration to His slave (Gabriel) and then he (Gabriel) conveyed that to Muhammad.' (53.10) He said, "Abdullah (bin Mas`ud) informed us that Muhammad had seen Gabriel with six hundred wings
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।