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सहीह बुख़ारी

नंबर 4856

नंबर 4856किताब 65, नंबर 377
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا الشَّيْبَانِيُّ، قَالَ سَمِعْتُ زِرًّا، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، ‏{‏فَكَانَ قَابَ قَوْسَيْنِ أَوْ أَدْنَى * فَأَوْحَى إِلَى عَبْدِهِ مَا أَوْحَى‏}‏ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ مَسْعُودٍ أَنَّهُ رَأَى جِبْرِيلَ لَهُ سِتُّمِائَةِ جَنَاحٍ‏.‏
Narrated `Abdullah:Regarding the Verses: 'And was at a distance of but two bow-lengths or (even) nearer; So did (Allah) convey the Inspiration to His slave (Gabriel) and then he Gabriel) conveyed (that to Muhammad...' (53.9-10) Ibn Mas`ud narrated to us that the Prophet (ﷺ) had seen Gabriel with six hundred wings

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।