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सहीह बुख़ारी

नंबर 4813

नंबर 4813किताब 65, नंबर 335
حَدَّثَنِي الْحَسَنُ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ خَلِيلٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحِيمِ، عَنْ زَكَرِيَّاءَ بْنِ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنِّي أَوَّلُ مَنْ يَرْفَعُ رَأْسَهُ بَعْدَ النَّفْخَةِ الآخِرَةِ، فَإِذَا أَنَا بِمُوسَى مُتَعَلِّقٌ بِالْعَرْشِ فَلاَ أَدْرِي أَكَذَلِكَ كَانَ أَمْ بَعْدَ النَّفْخَةِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "I will be the first to raise my head after the second blowing of the trumpet and will see Moses hanging on the Throne, and I will not know whether he had been in that state all the time or after the blowing of the trumpet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।