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सहीह बुख़ारी

नंबर 4812

नंबर 4812किताब 65, नंबर 334
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عُفَيْرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ خَالِدِ بْنِ مُسَافِرٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ يَقْبِضُ اللَّهُ الأَرْضَ، وَيَطْوِي السَّمَوَاتِ بِيَمِينِهِ، ثُمَّ يَقُولُ أَنَا الْمَلِكُ، أَيْنَ مُلُوكُ الأَرْضِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, "Allah will hold the whole earth, and roll all the heavens up in His Right Hand, and then He will say, 'I am the King; where are the kings of the earth?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।