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सहीह बुख़ारी

नंबर 4707

नंबर 4707किताब 65, नंबर 229
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مُوسَى أَبُو عَبْدِ اللَّهِ الأَعْوَرُ، عَنْ شُعَيْبٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ ـ رضى الله عنه ـ‏.‏ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَدْعُو ‏ "‏ أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْبُخْلِ وَالْكَسَلِ، وَأَرْذَلِ الْعُمُرِ، وَعَذَابِ الْقَبْرِ، وَفِتْنَةِ الدَّجَّالِ، وَفِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas bin Malik:Allah's Messenger (ﷺ) used to invoke thus: "O Allah! I seek refuge with You from miserliness, laziness; from old geriatric age the punishment in the grave; from the affliction of Ad-Dajjal; and from the afflictions of life and death

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।