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सहीह बुख़ारी

नंबर 4645

नंबर 4645किताब 65, नंबर 167
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا أَبُو بِشْرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، قَالَ قُلْتُ لاِبْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ سُورَةُ الأَنْفَالِ قَالَ نَزَلَتْ فِي بَدْرٍ‏.‏ الشَّوْكَةُ الْحَدُّ ‏{‏مُرْدَفِينَ‏}‏ فَوْجًا بَعْدَ فَوْجٍ، رَدِفَنِي وَأَرْدَفَنِي جَاءَ بَعْدِي ‏{‏ذُوقُوا‏}‏ بَاشِرُوا وَجَرِّبُوا وَلَيْسَ هَذَا مِنْ ذَوْقِ الْفَمِ ‏{‏فَيَرْكُمَهُ‏}‏ يَجْمَعُهُ‏.‏ ‏{‏شَرِّدْ‏}‏ فَرِّقْ ‏{‏وَإِنْ جَنَحُوا‏}‏ طَلَبُوا ‏{‏يُثْخِنَ‏}‏ يَغْلِبَ‏.‏ وَقَالَ مُجَاهِدٌ ‏{‏مُكَاءً‏}‏ إِدْخَالُ أَصَابِعِهِمْ فِي أَفْوَاهِهِمْ وَ‏{‏تَصْدِيَةً‏}‏ الصَّفِيرُ ‏{‏لِيُثْبِتُوكَ‏}‏ لِيَحْبِسُوكَ‏.‏
Narrated Sa`id bin Jubair:I asked Ibn `Abbas regarding Surat-al-Anfal. He said, "It was revealed in connection with the Battle of Badr

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।