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सहीह बुख़ारी

नंबर 4543

नंबर 4543किताब 65, नंबर 66
وَقَالَ لَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ مَنْصُورٍ، وَالأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي الضُّحَى، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَمَّا أُنْزِلَتِ الآيَاتُ مِنْ آخِرِ سُورَةِ الْبَقَرَةِ قَامَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَرَأَهُنَّ عَلَيْنَا، ثُمَّ حَرَّمَ التِّجَارَةَ فِي الْخَمْرِ‏.‏
Narrated `Aisha:When the last Verses of Surat-al-Baqara were revealed, Allah's Messenger (ﷺ) stood up and recited them before us and then prohibited the trade of alcoholic liquors

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।