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सहीह बुख़ारी

नंबर 4215

नंबर 4215किताब 64, नंबर 255
حَدَّثَنِي عُبَيْدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ أَبِي أُسَامَةَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، وَسَالِمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى يَوْمَ خَيْبَرَ عَنْ أَكْلِ الثَّوْمِ، وَعَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ الأَهْلِيَّةِ‏.‏ نَهَى عَنْ أَكْلِ الثَّوْمِ هُوَ عَنْ نَافِعٍ وَحْدَهُ‏.‏ وَلُحُومُ الْحُمُرِ الأَهْلِيَّةِ عَنْ سَالِمٍ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:On the day of Khaiber, Allah's Messenger (ﷺ) forbade the eating of garlic and the meat of donkeys

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।