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सहीह बुख़ारी

नंबर 4173

नंबर 4173किताब 64, नंबर 215
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ مَجْزَأَةَ بْنِ زَاهِرٍ الأَسْلَمِيِّ، عَنْ أَبِيهِ ـ وَكَانَ مِمَّنْ شَهِدَ الشَّجَرَةَ ـ قَالَ إِنِّي لأُوقِدُ تَحْتَ الْقِدْرِ بِلُحُومِ الْحُمُرِ إِذْ نَادَى مُنَادِي رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَنْهَاكُمْ عَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ‏.‏
Narrated Zahir Al-Aslami:(who was one of those who had witnessed (the Pledge of allegiance beneath) the Tree) While I was making fire beneath the cooking pots containing donkey's meat, the announcer of Allah's Messenger (ﷺ) announced, "Allah's Messenger (ﷺ) forbids you to eat donkey's meat

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।